Jammu - Kashmir National Conference has always been a timeserver
politics. It is possible now headed by Omar Abdullah and Farooq
Abdullah're looking at the center with the Modi government.
This is A Histry Mughal Empire last King Bahadur Shah Zafar बहादुर शाह जफर धूल में मिल गए लेकिन अंग्रेजों से नही मिले
एक इतिहास यह भी बहादुर शाह जफर : मुल्क के लिए धूल में मिल गए लेकिन अंग्रेजों से नहीं मिले जब मुगलों ने पूरे भारत को एक किया तो इस देश का नाम कोई इस्लामिक नहीं बल्कि 'हिन्दुस्तान' रखा.. हाँलाकि इस्लामिक नाम भी रख सकते थे, कौन विरोध करता?? जिनको इलाहाबाद और फैजाबाद चुभता है वह समझ लें कि मुगलों के ही दौर में 'रामपुर' बना रहा तो 'सीतापुर' भी बना रहा. अयोध्या तो बसी ही मुगलों के दौर में. 'राम चरित मानस' भी मुगलिया काल में ही लिखी गयी. आज के वातावरण में मुगलों को सोचता हूँ, मुस्लिम शासकों को सोचता हूँ तो लगता है कि उन्होंने मुर्खता की. होशियार तो ग्वालियर का सिंधिया घराना, मैसूर का वाडियार घराना, जयपुर का राजशाही घराना, जोधपुर का राजघराना था. टीपू सुल्तान हों या बहादुरशाह ज़फर बेवकूफी कर गये और कोई चिथड़े-चिथड़ा हो गया तो किसी को देश की मिट्टी भी नसीब नहीं हुई और सबके वंशज आज भीख माँग रहे हैं. अँग्रेजों से मिल जाते तो वह भी अपने महल बचा लेते और अपनी रियासतें बचा लेते, वाडियार, जोधपुर, सिंधिया और जयपुर राजघराने की तरह उनके भी वंशज आज ऐश करते, उनके भी बच्चे ...
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