भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जन्मदिन मनाया गया।तमाम नेताओं ने उनको शुभकामनाएं दीं। कई नेताओं ने उनकी योग्यता का बखान करके मोदी सरकार के जनविरोधी और आर्थिक रूप से नुकसानदायक निर्णयों की कड़ी निंदा की।
प्रेस काउंसिल भंग हो, मीडिया काउंसिल की स्थापना हो नई दिल्ली : वर्किंग जर्नलिस्टस ऑफ इंडिया (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) ने लघु एवम मध्यम समाचार पत्रों की समस्याओं को लेकर एक ऐतिहासिक वेबिनार का आयोजन किया। इसमें मुख्य माँगे : प्रेस कौंसिल को तत्काल प्रभाव से भंग करके, उसके स्थान पर मीडिया कौंसिल की स्थापना की जाए। प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जो समाचार पत्रों के प्रकाशकों से " लेवी " ली जा रही है, वह इस वर्ष न ली जाए DAVP विभाग अखबार मालिकों से कोरोना कॉल के दौरान , जो मार्च से जुलाई तक के समाचार पत्रों की प्रतियां जमा करवाने के लिये कह रहा है, उस नोटिफिकेशन पर भी रोक लगाई जाए। कोरोना कॉल के दौरान DAVP जो दो पालिसी लाया है, एक वेब की ओर दूसरी प्रिंट मीडिया की, उसपर रोक लगाई जाएगी मीडिया GST हटाई जाए इस कार्यक्रम में देश के कई सारे संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और पत्रकार जुड़े। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भातीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार ने कहा कि संघर्ष के बिना समाधान नही मिलता। संघर्ष और संवाद दोनो साथ साथ चलना चाहिए। उन्होंने सुझाव ...
वाटरगेट साजिश के पांच दशक वाटरेगट ? राजधानी वाशिंगटन में पोटेमेक नदी के निकटवाला स्थल। स्मृति पटल को पोछिये। दमक कर याद आ जायेगा। ठीक पचास साल पुरानी (रविवार, 18 जून 1972 की) खबर है। तब सर्वशक्तिमान अमेरिका के महाबलशाली रिचर्ड मिलहाउस निक्सन पर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यालय में सेंधमारी के कारण महाभियोग चला था। निक्सन ने लज्जा के मारे त्यागपत्र दे दिया था। जलील हुये। खलनायकी का इतिहास रचा। उस दौर में हीरो थे हमपेशेवर दो अदना रिपोर्टर—एक उन्नीस साल का तो दूसरा बीस का। तेज तर्रार थे, उभरती हुयी जवानी थी, इसीलिये निडर थे। फिर काहे का, किससे डर? उनके साहस से खोजी पत्रकारिता विश्व में कीर्ति के एवरेस्ट पर चढ़ गयी थी। मीडिया संस्थानों में भर्ती के नये रिकार्ड बन रहे थे। युवजन में सैनिक के बाद श्रमजीवी पत्रकार बनने की आकांक्षा कुलाचे भर रही थी। राष्ट्रपति को गिराने वाले इस युवाद्वय ने युगांतरकारी घटना को अंजाम दिया था। दुनिया के हम जैसे रिपोर्टरों के लिये वे सदा यादगार हैं। वाटरगेट साजिश को निर्भयता से पर्दाफाश करने वाले वाशिंगटन पोस्ट के पत्र...
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