चिराग पासवान को बधाई
इन दिनों विभिन्न टीवी चैनलों पर पहले घोषित दलित फिल्मी कलाकार चिराग पासवान की फिल्म मिले ना मिले हम का प्रोमो चल रहा है, यह सभी के लिए सम्मान की बात है और उन लोगों के लिए सबसे अधिक गर्व की बात है, जो समाज में समता की बात सोचते हैं। यूं तो मेरी जानकारी में बॉलीवूड में पहले से कई कलाकार दलित हैं, लेकिन वे अपनी पहचान छुपाते हैं। चिराग पासवान पहले ऐसे दलित कलाकार होंगे, जो काफी धूम धड़ाके से अभिनय शुरू कर रहे हैं। मेरी चिराग को हार्दिक बधाई। मेरी लोगों से अपील है कि सभी इस कलाकार को प्रोत्साहित करने का काम करें ताकि समाज में समता का विचार अधिक मजबूत हो सके।-राजेन्द्र मौर्य Popular posts from this blog
पी. चिदंबरम: तिहाड़ से 106 दिन बाद रिहाई
Inidra Gandhi & Bahuguna : इंदिरा हारीं थीं शेरे गढ़वाल से !!
इंदिरा हारीं थीं शेरे गढ़वाल से !! के. विक्रम राव हे मवती नन्दन बहुगुणा का जीता हुआ गढ़वाल संसदीय उपचुनाव आज ही के दिन (21 जून 1981) पलट दिया गया था। ठीक चार दशक हुए। हालांकि उसी दौर में अमेठी से राजीव गांधी निर्वाचित घोषित हो गये थे। दोनों उपचुनावों में इन्दिरा गांधी का असर दिखा था। उनके सत्ता में लौटे साल भर ही हुआ था। उत्तर प्रदेश (तब अविभाजित था) के इन दोनों मतदानों पर दुनिया की नजर टिकी थी। हवाई दुर्घटना में संजय गांधी की मौत से अमेठी की सीट रिक्त हो गयी थी। सरकारी एयरलाइन्स के पाइलट पद को छोड़ कर राजीव गांधी एक दिन पूर्व ही कांग्रेस में भर्ती हो गये थे। प्रत्याशी बन गये थे। हालांकि इन्दिरा गांधी के लिये ये दोनों चुनाव जीतना अत्यावश्यक था। अपने वंश के नये उत्तराधिकारी को नामित करना था। अपने घोर शत्रु को गढ़वाल में परास्त करना था। बहुगुणाजी कांग्रेस से बाहर हो गये थे। उनका प्रतिद्वंदी थे चन्दमोहन सिंह नेगी। दोनों ''भांजों'' (राजीव और संजय) ने बहुगुणाजी को पार्टी में लाकर प्रधान सचिव नियुक्त कराया था, तो अपमानित भी उतनी ही शीघ्...
Comments
Post a Comment