अब ओमपुरी की नजर में अन्ना भी अनपढ़ गंवार
दिल्ली में अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान पूरी संसद को अनपढ़ गंवार बताकर फंसे फिल्म अभिनेता ओमपुरी ने अन्ना हजारे को भी अनपढ़ गंवार बताते हुए चार-छह लोगों के हाथों की कठपुतली बताया है। पंजाब में एक निजी कार्यक्रम में उन्होंने यह बयान देकर नया बखेड़ा खड़ा किया है। ओमपुरी के अनुसार अन्ना की अपनी कोई समझ नहीं है। वह तो वही करते हैं जो अरविंद केजरीवाल सरीखे लोग उनसे करवाते हैं। देर से ही सही अन्ना की आरती उतारने वाले लोगों को भी अब असलियत समझ में आने लगी है। वे जानने लगे हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की आड़ में टीम अन्ना का असल खेल कुछ और ही चल रहा है। Meaning of First Prime Minister Pt. Jawahar Lal Nehru ji's absence in India
नेहरू जी के न होने के मायने पं डित जवाहर लाल नेहरू विश्व इतिहास के उन विलक्षण व्यक्तियों में से एक है जिनकी सोच तथा विचार ने अपनी समय के सभी घटना चक्रों तथा पहलुओं को जहां एक और प्रभावित किया है वहीं दूसरी ओर अपने विचार प्रकट करने का भी मौका दिया है ।पंडित नेहरू की प्रासंगिकता पर यदि विचार करें तो निश्चित रूप से वे आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितनी अपने समय में। उनके विचार किन्हीं जड़वादी सिद्धांतों अथवा बेतहाशा क्रांतिकारीता पर न होकर विज्ञान सम्मत यथार्थ पर आधारित थे। यदि किसी रूप में उन पर किसी वाद का ठप्पा लगाए जाने का प्रयास किया जाए तो उनकी सर्वागीणता को एक तंग नजरिए से देखना होगा। इसलिए तमाम प्रगतिशील विचारधाराएं तथा वाद उन्हें अपना जामा पहनाने के प्रयास करते हैं। परंतु नेहरू को वे अपने जामे से बाहर पाते हैं ।वे मार्क्सवादी नहीं थे ,परंतु मार्क्सवाद से प्रभावित जरूर थे ।गांधी जी के अनन्य प्रिय शिष्यों में एक होते हुए भी वे बापू की हर बात से सहमत हो, ऐसी बात न थी। तब भी महात्मा गांधी जी ने ...
Comments
Post a Comment