दिल्ली में केजरीवाल की आप को मिल रही सफलता ने भाजपा और कांग्रेस को आईना दिखाया है कि विकल्प अगर मिले तो, कहीं भी यह चमत्कार हो सकता है, जो प्रजातंत्र को मजबूती देगा। 

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