खगड़िया (बिहार) जिला स्थित केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पैतृक गांव शहरबन्नी के निकट कमला बागमती नदी के फुलतोड़ा घाट पर उनके छोटे भाई स्व. रामचंद्र पासवान के अस्थि विसर्जन के दौरान, अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और रामचंद्र पासवान अमर रहें के नारों से आसमान गूंज उठा। पटना शोक सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत मंत्री विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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Corona: महामारी में पीने का साफ पानी बेहद जरूरी
को रोना महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों को स्वच्छ पीने के पानी की आपूर्ति की सलाह देते हुए विशेष रूप से पानी की आपूर्ति में कमीं हो और मेडिकल सैनिटाइज़र की सुविधा उपलब्ध नहीं होने वाले गांवों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने समाज के कमजोर वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की सिफारिश की है, विशेषकर ऐसी जगहों पर लोगों का ध्यान रखने को कहा है, जो राहत शिविर, अस्पताल, वृद्धाश्रम, आश्रय स्थल, समाज के गरीब तबके के निवास स्थान एवं झुग्गी-झोपड़ी आदि में रह रहे हैं। इन स्थानों में पानी की आपूर्ति और सुरक्षित एवं शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए राज्य सरकारों के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभागों / बोर्डों / निगमों को निर्देशित किया गया है। कोविड-19 बीमारी के प्रसार से निपटने के लिए बनाई गई जिलों की सूक्ष्म योजनाओं में पीने योग्य पानी की उपलब्धता को शामिल करने को बेहद जरूरी बताया है। साफ पानी की आपूर्ति के लिए शुद्धिकरण रसायन आवश्यक...
Another way to end the scholarship of Dalits, only the children of illiterate will get priority in UttarPradesh
दलितों की छात्रवृत्ति समाप्त करने का एक और रास्ता, अनपढ़ की संतान को ही मिलेगी प्राथमिकता फोटो : प्रतीकात्मक उ त्तर प्रदेश की भाजपा सरकार धीरे-धीरे दलित छात्रों की छात्रवृत्ति समाप्त करने की ओर बढ़ रही है। एक जानकारी के अनुसार हर साल आधे से आधे अधिक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति मिलना तो दूर उच्च शिक्षा प्राप्त कर छात्रों की शुल्क क्षतिपूर्ति का भी पूरा भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण हर साल तमाम छात्रों को संस्थानों से निकाला जा रहा है। उनको परीक्षा देने से रोका जा रहा है। अब यूपी सरकार ने छात्रवृत्ति देने की नियमावली में बदलाव किया है, जिससे अनुसूचित जाति के उन छात्रों को ही छात्रवृत्ति देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके माता-पिता अनपढ़ होंगे। इसके लिए पहले से ही वरीयता तय करने के लिए वेटेज अंकों के नियमों की मार झेल रेह लोगों को अब वरीयता नियमावली में भी हुए बदलाव का दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब शासकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं से हाईस्कूल अथवा इंटर करने वाले छात्रों को 10, माता-पि...











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