UP : गंभीर बीमारी से पीड़ित थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ठ का निधन हो गया है। वह बीमार थे और दिल्ली एम्स में भर्ती थे। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली।
  • वन रेंजर पद से सेवानिवृत्त थे आनंद
आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर के पद पर रहे। सेवा से रिटायर होने के बाद उन्‍होंने ट्रांसपोर्ट का संचालन भी किया। सेवानिवृत्ति के बाद से वह  उत्तराखंड में यमकेश्वर के अपने पैतृक गांव पंचूर में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्‍नी सावित्री देवी के साथ-साथ चार बेटे और तीन बेटियां हैं। बेटों में बड़ा मानेंद्र है, दूसरे नंबर पर योगी आदित्य नाथ (अजय सिंह बिष्ट) हैं, तीसरा बेटा शैलेन्द्र मोहन और चौथा महेंद्र है। बेटियों के नाम पुष्पा देवी, कौशल्या देवी, शशि देवी हैं। योगी के बड़े भाई गौरव बताते हैं कि आदित्यनाथ चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके दो भाई कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई सेना की गढ़वाल रेजिमेंट में सूबेदार हैं। आदित्यनाथ ने 21 साल की उम्र में ही परिवार छोड़ दिया था और वो गोरखपुर आ गए थे। उनके पिता 24 साल पहले उत्तराखंड के एक गांव से संन्यास की दीक्षा लेने वाले बेटे को मनाने आए थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।

  • लिवर, किडनी और पैरों में गैंगरीन से पीड़ित बिष्ट
 यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता 89 वर्षीय आनंद सिंह बिष्ट Anand Singh Bisht नहीं रहे। करीब 40 दिन तक दिल्ली स्थित एम्स में दाखिल रहने के बाद आज सुबह उन्‍होंने आखिरी सांस ली। मीडिया में आ रहीं खबरों के मुताबिक मुख्य रूप से पेट की तकलीफ के चलते आनंद सिंह बिष्ट को पौड़ी-गढ़वाल जिला स्थित जॉलीग्रांट के हिमालयन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें लिवर और किडनी के साथ डिहाइड्रेशन, लो-बीपी और पैरों में गैंगरीन की समस्या थी। हालत में सुधार नहीं होने के बाद एयर एंबुलेंस के जरिये दिल्ली ले लाया गया था। एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल उन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया था और डायलिसिस भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार को उनकी अचानक तबीयत फिर से खराब हो गई। इसके बाद से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सोमवार सुबह उन्‍हें लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम पर एंबुलेंस के जरिये उत्तराखंड में पैतृक गांव पंचूर में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी। उनकी हालत बेहद गंभीर थी।
  • मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार
 बिष्ट का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से उनके पैतृक उत्तराखंड में पौड़ी जनपद के  गांव पंचूर यमकेश्वर ले जाया जा रहा है। दिल्ली से उनके छोटे पुत्र महेंद्र बिष्ट व अन्य स्वजन साथ में है। सड़क मार्ग के जरिये उन्हें यहां लाया जा रहा है। पार्थिव शरीर सोमवार की रात तक ही उनके पैतृक गांव पंचूर (ठागर) पहुंच पाएगा। अंतिम संस्कार 21  अप्रैल (मंगलवार) को होगा। उनके दामाद पूरण सिंह पयाल ने बताया कि पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद ही आपसी विचार-विमर्श के बाद अंतिम संस्कार का स्थान तय हो पाएगा। संबंधित क्षेत्र के दिवंगत लोगों का अंतिम संस्कार थल नदी के परंपरागत घाट पर ही होता आया है।

  •     अंतिम संस्‍कार में शामिल नहीं हो पाएंगे योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार से अपील की कि कम से कम अंतिम संस्कार में लोग शामिल हो। मैं लॉकडाउन समाप्त होने के बाद उनके दर्शनार्थ के लिए आऊंगा। उन्होंने कहा है कि वह कल पौड़ी में पिता के अंतिम संस्कार में नहीं जा रहे हैं। उनकी भी पिता के अंतिम दर्शन की इच्छा थी पर कोरोना की लड़ाई की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहे। पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।

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