Dalit Leaders meet to Hathras's Bitiya: हाथरस की बिटिया से मिले दलित नेता दीपक कुमार

  • हाथरस की बिटिया से मिले दलित नेता  दीपक कुमार ने एसपी को कहा सख्त कार्रवाई के लिए







यूपी के हाथरस चंदपा थाना  बूलगढ़ी के मामले में प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ दलित नेता  दीपक कुमार एक प्रतिनिधि मंडल के सात अलीगढ़ मेडिकल कालेज में पहुंचे और वहां हाथरस की बिटिया से मिले।  
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष दीपक कुमार ने कांग्रेस के अनुसूचित विभाग के प्रतिनिधिमंडल के साथ अलीगढ़ पहुंचे। उनके साथ प्रतिनिधि मंडल में  योगी जाटव उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश कांग्रेश अनुसूचित विभाग,  श्री मुनेंद्र सूद सचिव उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी,  संजीव शर्मा जी संगठन सचिव उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी श्री मोहन सिंह पूर्व मेयर प्रत्याशी श्री कमलकिशोर आनंद जी सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी श्री कैलाश वाल्मीकि जी महासचिव उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग श्री चंद्रगुप्त विक्रमादित्य अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी हाथरस श्री कुलदीप कुमार सिंह अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी हाथरस अनुसूचित विभाग श्री संदीप सिंह प्रभारी सोशल मीडिया उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग आदि शामिल थे। 
उन्होंने हाथरस की बिटिया से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मुलाकात की। यहां उसका उपचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन से बात करने पर पता चला बिटिया के दोनों पैर काम नहीं कर रहे हैं। गर्दन में फ्रैक्चर है सीटू सर्वाइकल इंजरी है। बिटिया होश में आ चुकी थी तो बिटिया ने ही बताया उसके साथ दरिंदगी करने वाले चार लोग थे जिनके नाम लवकुश, रवि, संदीप व रामू चारों ठाकुर समाज से हैं, जिनमें मुख्य आरोपी संदीप है। बिटिया को गर्दन में दुपट्टा बांधकर चारों बाजरे के खेत में खींच ले गए। जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई उसके बाद चारों ने उसके साथ दुष्कर्म किया. और उसकी जीभ काटी। मेडिकल प्रशासन ने लापरवाही के तहत अभी तक बिटिया का मेडिकल भी नहीं किया है। न ही अभी तक बिटिया का एमआरआई किया गया है। उधर, पुलिस ने सिर्फ दो लोगों संदीप और रवि को ही गिरफ्तार किया हैं। लव कुश और रामू अभी तक फरार हैं। पुलिस प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह नजर आ रहा है। पुलिस प्रशासन ने आरोपियों पर सिर्फ एससी एसटी एक्ट और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। अभी तक आरोपियों पर दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई गई है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल बिटिया के गांव गया वहां जाकर पता चला गांव में बालवी बाल्मीकि समाज के सिर्फ चार परिवार हैं। बाकी गांव में ठाकुर और ब्राह्मण समाज के लोग रहते हैं। बाल्मीकि समाज के लोग खासतौर से बिटिया का घर बहुत दबाव में है। उन लोगों को घर से गांव के मुख्य मार्ग तक निकलने के लिए रास्ता भी नहीं दिया जाता है। वे लोग कूड़े के ढेर पर होकर घर से बाहर निकलते हैं। ना घर के पानी निकास की व्यवस्था है। पीड़ित परिवार अत्यधिक गरीबी की स्थिति में है और डरा हुआ है। 
प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस कप्तान से मिलकर बात की। पुलिस कप्तान ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ दुष्कर्म की धारा के तहत भी कार्रवाई होगी। पुलिस कप्तान ने बिटिया को समाज कल्याण विभाग से आर्थिक मदद दिलवाने की भी बात कही है। 

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