Webinar : पत्रकारों पर झूठे मुकदमों के खिलाफ पत्रकार संगठनों का प्रस्ताव पारित

 






वर्किंग जर्नालिस्ट्स ऑफ इंडिया (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) की ओर से  आयोजित वेबिनार में महाराष्ट्र सरकार व मुंबई पुलिस द्वारा रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों व कोरोना महामारी में देशभर में सैंकड़ों पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। ये प्रस्ताव देश के वरिष्ठ पत्रकार  केएन गुप्ता लेकर आए, जिसका समर्थन वर्किंग जर्नालिस्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नालिस्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव परमानन्द पांडेय ने किया और आम राय से प्रस्ताव पारित हो गया।
वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) की तरफ से हाल ही में संसद से पारित लेबर कोड्स को लेकर आयोजित वेबिनार में देश के वरिष्ठ पत्रकार केएन गुप्ता, भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नालिस्ट्स के राष्ट्रीय महासचिव परमानंद पांडेय, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील लल्लन चौधरी ने पत्रकारों को लेबर कोड्स से जुड़ी वे जानकारियां दी, जिनसे ज्यादातर पत्रकार साथी अछूते थे। यदि आप पत्रकार हैं, तो इसे पूरा सुनें। पहली बार किसी यूनियन व डब्ल्यूजेआई है, जिसने आज प्रयास करके देशभर के पत्रकारों को लेबर कोड्स के बारे में बताया है।

  • मुख्य विषय
  1. पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
  2. रिपब्लिक टीवी के 1000 पत्रकारों व कोरोना महामारी के दौरान  देशभर में सैंकड़ों पत्रकारों  के खिलाफ दर्ज हुए झूठे  एफआईआर के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया।
  3. वेज कोड में किए जा राहे प्रावधानों में पत्रकारों के लिए अहित में बनाए जा रहे कानूनों का विरोध किया जाए
  4. भारतीय मजदूर संघ के द्वारा श्रम शक्ति भवन पर होने वाले प्रदर्शन का समर्थन  किया जाए।

24 अक्तूबर 20, बुधवार को वर्किंग जर्नालिस्टस ऑफ इंडिया संबंधित भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार केएन गुप्ता के अध्यक्षता में किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता भारतीय मजदुर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार तथा  विषय विशेषज्ञ एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील परमानंद पांडेय एवम ललन चौधरी रहे। केएन गुप्ता ने रिपब्लिक टीवी के 1000 पत्रकारों के खिलाफ हुए एफआईआर के विरोध के लिए प्रस्ताव रखा जिसका अनुमोदन महासचिव नरेंद्र भंडारी, परमानंद पांडेय और बिहार के वरिष्ठ पत्रकार सरोज आचार्य ने की। कार्यक्रम के पहले वक्ता ललन चौधरी ने पत्रकारों के लिए बनाए गए  कानूनों की विस्तृत चर्चा की और स्पेशल प्रेस कमीशन बनाने पर जोर दिया।
परमानंद पांडेय ने वर्किंग जर्नालिस्ट एक्ट के दायरे को बढ़ाने तथा मीडिया कमीशन को को बनाने और मीडिया काँसिल को समाप्त करने के साथ ही वेज बोर्ड से संबंधित  विभिन्न कानूनों पर व्यापक चर्चा की। कार्यक्रम कर मुख्य वक्ता पवन कुमार ने चारों कॉड्स पर विस्तृत चर्चा की और बन रहे कानूनों में सुधार किया जाए तथा पत्रकारों को भी सुझाव भजने का अनुरोध किया और 28 अक्तूबर को होने वाले धरने को कवर करने के साथ ही अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने का अनुरोध किया। महासचिव नरेंद्र भंडारी ने सभी पत्रकारों का मार्गदर्शन के साथ ही अतिथियों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। वर्किंग जर्नालिस्ट्स ऑफ इंडिया के दिल्ली प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संदीप शर्मा और महासचिव देवेंद्र तोमर ने पत्रकारों को 25अक्तूबर के बैठक के लिए आह्वान  किया।
देशभर से अनेक वरिष्ठ पत्रकार वेबिनार कार्यक्रम में यूट्यूब के माध्यम से जुड़े। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शर्मा, स्वतंत्र सिंह भुल्लर, सुरेश अग्रवाल, महेश बंसल, विजय महाजन, उमेश शर्मा, संजीत कुमार आदि अनन्य पत्रकारों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय ने की।

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