कल्याण की जिद, भाजपा की मुसीबत



राजस्थान के राज्यपाल का कार्यकाल पूरा करके लखनऊ लौट रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की भाजपा में पुनः  सदस्यता ग्रहण करने की जिद भाजपा के लिए नई मुसीबत बढ़ा सकती है। चूँकि कल्याण सिंह औपचारिकता भर के लिए सदस्यता ग्रहण नहीं कर रहे हैं। वह जिद्दी स्वभाव के नेता हैं और इसके साथ ही अपनी सक्रियता बढ़ाएंगे। 87 वर्षीय कल्याण सिंह की सक्रियता भाजपा के 75 वर्षीय उम्रसीमा आड़े आएगी। भाजपा ने तो राजस्थान राज्यपाल पद का कार्यकाल पूरा होने पर कल्याण सिंह को एक तरह से नई जिम्मेदारी न बताकर अन्य बड़े नेताओं की तरह ही  संन्यास मार्ग दिखाया है। पर शांत बैठ जाएं, यह कल्याण सिंह के स्वभाव में नहीं है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए भी राजनीतिक बयानों के लिए वह चर्चित रहे हैं। अब कल्याण सिंह के कई नजदीकी लोग बता रहे हैं कि कल्याण सिंह ने लोधा राजपूत समाज को संगठित करने के नाम पर सामाजिक सम्मेलनों का पूरा रोडमेप तैयार कर लिया है ताकि समाज को उसका राजनीतिक हक दिलाया जा सके। ऐसे में यह पैतरा उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए नई मुसीबत पैदा कर सकता है।

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