यूपी : सरधना में होली पर कवियों और शायरों की जुगलबंदी



हिंदुस्तान में  भाईचारे के पर्व होली को एतिहासिक नगरी सरधना में विद्यार्थी विकास मंच द्वारा आयोजित सम्मेलन में कवियों और शायरों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस व होली को हर्षोल्लास से मनाया। कवियों व शायरों ने समां बांधा। सम्मेलन में नवोदित मशहूर शायर फुरकान सरधनवी ने अपना कलाम यूं बयां किया- "आओ नफरत को अब मिटायें हम,
प्यार के गीत गुनगुनाएं हम,
यूँ उड़ाये गुलाल होली में,
पिछली बातों को भूल जाये हम।।
जज्ब-ए-इख़लास यूं दिखाये हम,
हाथ दुश्मन से भी मिलायें हम,
रंग उल्फत से खेल कर होली,
दिल से नफ़रत को अब मिटायें हम।।"
नन्हीं तुलिका हास्य पद का आगाज़ कराया कि-
"वो हिन्दुओं को मारता है,
वो मुसलमानों को मारता है,
वो सिक्खों को मारता है,
वो ईसाईयों को मारता है,
नफरत की दीवार मिट जाए,
इसलिए सबको "मिस-काॅल" मारता है।।"
सैय्यद कुरैशी नें वतन-परस्ती में बयां किया कि-
"नफरत के अंधेरों को,उल्फत से मिटायेंगे,
ए प्यारे वतन तुझको हम गुलज़ार बनायेंगे ।।"   मनमोहन त्यागी ने भी हास्य वाणी से यूँ मंत्रमुग्ध किया कि-
"पत्नी के खो जाने पर पति से पूछा-कि आप मुझे कैसे तलाश करोगे,
पति ने कहा-शहर में बड़ा सा पोस्टर लगाऊंगा और उस पर लिखवाऊँगा कि तुम जहां भी रहो, खुश रहो ।"
 मध्य-प्रदेश छिंदवाड़ा के  कवि सतीश आनंद ने इंसानियत का पैग़ाम देते हुए स्पष्ट किया  कि-
"कोई हिन्दू, कोई मुस्लमान की बात करता है,
कोई नहीं मिलता,जो इंसान की बात करता है.....।"
शायरा उज़मा परवीन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अर्थात शक्ति/ऊर्जा पर्व का आगाज़ कराते हुए अपने  अंदाज़ को यूं बयां किया कि-
"ना राधा कोई है और ना कृष्ण कोई है।
रावण तो बहुत हैं मगर, राम नहीं हैं।"
गुणवाणी मैंगजीन सम्पादक संजीव त्यागी ने अपने छंद को उद्देलित किया कि-
"दोस्तों में मुहब्बत का पैग़ाम लाया हूँ,
मिटा दो ये नफरतें किस्सा आम लाया हूँ.....।"
वहीं कवि सुनील शर्मा ने शहीदों की शहादत में बयां किया कि-
"अमर शहीदों के अफसाने लगते सबको प्यारे हैं,
डरते नहीं किसी से भी जो, ऐसे वीर हमारे हैं....।"
 गंगा-जमुनी के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यार्थी विकास मंच के अध्यक्ष फैय्याज अहमद,पर्यावरण धर्म समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र पांचाल, शिक्षक नेता दीपक शर्मा, उत्तर-प्रदेश कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ मेरठ मण्डल के मंत्री व जिलाधिकारी मेरठ के प्रधान स.अनिल मौर्य, पर्यावरण मित्र रिहान मलिक, वि.वि.मंच के महामंत्री शाहवेज अंसारी, डॉ.ईश्वर त्यागी, डा.शाहना परवीन, जीश़ान कुरैशी, निरंजन शास्त्री आदि तमाम शख्सियत मौजूद रहीं ।

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