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दहशत की दिल्ली : आखिर अराजकता के लिए कौन जिम्मेदार ?
मुबाहिसा : राजेन्द्र मौर्य आ ज रात दिल्ली से कानपुर के लिए ट्रेन से सफर शुरू किया तो दो पुलिसकर्मियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ही सभी यात्रियों को अलर्ट करते हुए ट्रेन की खिड़की बंद करा दी। पूछने पर पुलिसकर्मियों का कहना था कि दिल्ली का माहौल खराब है, उसकी प्रतिक्रिया में कहीं भी कुछ हो सकता है। यह भले ही इन पुलिसकर्मियों द्वारा यात्रियों को अलर्ट करने की कोशिश थी, लेकिन इसका असर बहुत ही निंदनीय हुआ। यात्रियों ने बिना कुछ सोचे समझे एक वर्ग को जिस तरह से कोसना शुरू किया, उससे मैं अंदर तक हिल गया। दुखी हूं कि हम भारत वासी किस कदर सियासत की साजिश से इंसानियत के दुश्मन बनकर आदमखोर जानवरों की मानिंद सोचने लगे हैं। हम कैसा देश बना रहे हैं, जिसमें राष्ट्रभक्ति के नाम पर प्रेम और सद्भाव का कत्ल करने वाला "मानव हथियार" बनाए जा रहे हैं। हम बात करते हैं, अमेरिका जैसी महान महाशक्ति बनने की और हमारी सोच व समझ पाकिस्तान जैसे निम्न स्तर के देश के नागरिकों से भी कहीं गई गुजरी हो गई है ? ...
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले पत्रकार
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने 'इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स' (आईएफडब्ल्यूजे) के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे पत्रकारों की सुरक्षा व उनसे जुडी अन्य समस्याओं को दूर करके के लिए सरकार से समुचित कानून बनाने की अनुशंसा करेंगे। श्री बिरला कल शाम अपने आवास पर पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल से कहा कि जीवंत लोकतंत्र के लिए सजग, जागरूक और निर्भीक पत्रकारिता का होना अत्यावश्यक है, जिस पर पूरे देश में मतैक्य है। आई.एफ.डब्ल्यू.जे. की तरफ से उन्हें एक ज्ञापन भी दिया गया, जिसमें हाल ही में पत्रकारों के उत्पीड़न और उन पर हुए हमलों के प्रति चिंता व्यक्त की गई है। प्रतिनिधि मंडल के नेता आई.एफ.डब्ल्यू.जे. के उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी ने बताया कि श्री बिरला जी जितने सरल और सहज हैं उतने ही लोगों की समस्यों के प्रति व्यग्र और अपने निर्णयों में कठोर हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी सरलता का ही द्यौतक है कि वे हमारी मात्र एक दिन की सूचना और आग्रह पर 2016 में जयपुर में आयोजित आई.एफ.डब्ल्यू.जे. के सम्मेलन में शामिल हुए थे। आई.एफ.डब्ल्यू.जे. ने अपने ज्ञापन में लोकसभाध्यक्ष...

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