दिल्ली की कहानी उन लोगों की ज़बानी जो आज़ादी के पहले से दिल्ली में रहते आए हैं..
कैसी थी दिल्ली .. कैसे बदलती गई... क्या क्या बसा है उन यादों में ...
केजरीवाल सरकार आपके लिए लेकर आ रही है दिल्ली की कहानी, दिल्ली की ज़बानी यह जानकारी दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ट्वीट करके दी है।
आज मैं हरियाणा के करनाल में समाज साक्षी समाचार पत्र के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में शामिल हुआ l जिसमें मैंने मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकारिता के सामने चुनौती विषय पर विचार रखे l
बूझे जरा चुनावी पहेली अखिलेश की ! के. विक्रम राव यदि राजनेता फरमाये ''हॉं'', तो समझिये ''शायद''। अगर कहें : ''शायद'', तो मतलब है ''ना''। वह राजनेता ही नहीं है जो पहली दफा ही कह डाले ''ना''। ठीक उलटी है महिला की बात। यदि वह कहे ''ना'', तो भांप लीजिये ''शायद''। अगर कहे ''शायद'' तो समझिये ''हॉं''। वह नारी ही नहीं है जो सीधे ''हॉं'' बोल दे । अर्थात नेताजी वायु तत्व को भी ठोस पदार्थ बना देंगे। अपनी आधी सदी की पत्रकारिता में मेरी ऐसी ही प्रतीति रहीं। यहां प्रसंग अखिलेश यादव का है। कल (1 नवम्बर 2021) दिल्ली से लखनऊ यात्रा पर ''विस्तारा वायु सेवा'' के जहाज की सीट पांच—सी (उड़ान यूके/641 : अमौसी आगमन : दो बजकर 50 मिनट पर) मैं बैठा था। अखिलेश यादव आगे वाली सीट पर सहयात्री थे। कुशल क्षेम पूछा। तब तक मेरे मोबाईल (9415000909) पर खबर कौंधी कि : ''अखिलेश यादव का ऐलान है कि वे यूपी विधानसभा निर्वाचन के प्...
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