Corona Lockdown : आम जनता पर पाबंदी, पूर्व प्रधानमंत्री के पौत्र की शादी में दिखी भीड़






  • कर्नाटक में कुमारस्वामी के बेटे की शादी, ट्विटर पर फूटा लोगों का गुस्सा, पूछा- 'कहां है सोशल डिस्टेंसिंग'

कोरोना वायरस  के चलते जहां पूरे देश में लॉकडाउन है, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा के पौत्र एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की बेंगलुरु में शादी से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग  जैसे उपाय सिर्फ आम जनता के लिए हैं? एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल का विवाह पूर्व मंत्री एम. कृष्णप्पा की भतीजी रेवती से हुआ है। शादी से पहले कहा जा रहा था कि कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएंगी, केवल सीमित मेहमानों को ही आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन जो फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, वो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

एक वीडियो में दिखाया गया है कि दूल्हा-दुल्हन के साथ कुछ मेहमान खड़े हैं, मगर उनके आसपास दर्जनों कैमरामैन हैं, तो ऐसे में क्या इसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना कहा जाएगा? लॉकडाउन के बीच इस शादी को लेकर लोग काफी गुस्से में हैं। सोशल मीडिया पर यह पूछा जा रहा है कि आखिर कर्नाटक सरकार ने मौजूदा हालातों को देखते हुए विवाह की अनुमति कैसे दे दी? हालांकि, कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें इससे खास फर्क नहीं पड़ा है।
बता दें कि कर्नाटक राज्य में कोरोना के 315 मामले सामने आए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है।  इससे पहले, कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने 22 मार्च को जारी एक आदेश में राज्य में 100 से कम मेहमानों की मौजूदगी में बंद दरवाजे वाली शादियों की अनुमति दी थी। बताया जा रहा है कि दोनों राजनीतिक परिवार एक भव्य शादी की योजना बना रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण यह तय किया गया कि साधारण समारोह में शादी संपन्न की जाएगी, ताकि कोई दूसरी तिथि न निकालनी पड़े।
  • सोशल मीडिया में फूटा लोगों का  गुस्सा
सोशल मीडिया में लोगों ने अपने-अपने अंदाज़ में इस शादी को लेकर तंज कसा है। कहा जा रहा है कि  ‘समझ नहीं आ रहा है कि आखिर शादी की जल्दी क्या थी? आपके पास पैसे की कमी नहीं है, छह महीने बाद भव्य शादी कर सकते थे।  कौन सा निखिल इन छह महीनों में बुजुर्ग हो जाता’?  वहीं, लोग कह रहे हैं कि  लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे माहौल में जब आम जनता पर सख्ती बरती जा रही है, नेताओं को इस तरह के आयोजनों से दूर रखकर उदाहरण पेश करना चाहिए था।   

  • क्या हो सकती है कार्रवाई?
इससे पहले, कर्नाटक सरकार की तरफ से कहा गया था कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों का शादी के दौरान पालन किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो कार्रवाई होगी। ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि वीडियो और तस्वीरों के सामने आने के बाद सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

  • 10 फरवरी को हुई थी सगाई
 निखिल और रेवती की सगाई 10 फरवरी को हुई थी और शादी 17 अप्रैल को तय की गई थी. लॉकडाउन को देखते हुए माना जा रहा था कि शादी को टाला जा सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

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