Bihar Motihari eastern Champarn News

  •  केंद्रीय विवि में गणितज्ञ रामानुजन की स्मृति में आईआईटी पटना के प्रो. ओमप्रकाश का वक्तव्य 



मोतिहारी, पू चम्पारण (बिहार) : महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी में गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की स्मृति में व्याख्यान का आयोजन हुआ। संगणक विज्ञान के अध्यक्ष व संकायाध्यक्ष प्रो. विकास पारीक ने बताया कि विवि के कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा जी की प्रेरणा व निर्देश पर इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

बीज वक्तव्य आईआईटी पटना के प्रोफेसर ओमप्रकाश ने दिया। उन्होंने 'अमूर्त बीजगणित के अनुप्रयोग' पर अपनी बात रखी। अपनी बात के प्रारंभ में उन्होंने रूढ़ संख्याओं व संख्या सिद्धांत में रामानुजन के योगदान की चर्चा की। इसके बाद उन्होंने बहुत विस्तार से कूट सिद्धांत (कोडिंग थ्योरी) व कूटलेखन (क्रिप्टोग्राफी) के अमूर्त बीजगणित से संबंध पर चर्चा की। डॉ ओमप्रकाश का शोध रामानुजन के क्षेत्र संख्या सिद्धांत से संबंधित रहा है और वे रामानुजन सोसाइटी के आजीवन सदस्य भी हैं।

उल्लेखनीय है कि यह वर्ष श्रीनिवास रामानुजन की 134वां जन्म वार्षिकी के रूप में मनाया जा रहा है। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के संगणक विज्ञान विभाग में उनकी स्मृति में श्रीनिवास रामानुजन प्रयोगशाला का हाल ही में अनावरण कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने किया था। इस दिवस पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए प्रो. शर्मा ने रामानुजन की प्रतिभा से विद्यार्थियों को परिचित कराए जाने पर बल दिया। 

आज ही के दिन सन 1887 में रामानुजन का जन्म तत्कालीन मद्रास प्रांत के इरोड में हुआ था। अत्यंत अभावों का जीवन जीकर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व में मनाया। केम्ब्रिज विवि के ट्रिनिटी कॉलेज के प्रो हार्डी को जब रामानुजन की प्रतिभा का पता चला तो उन्होंने इस विलक्षण प्रतिभा को इंग्लैंड  बुला लिया। वहीं उनका मात्र 32 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आज भी रामानुजन के प्रमेय और सिद्धांत शोध के लिए चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। 

इस कार्यक्रम में संगणक विज्ञान व गणित विभाग के डॉ अतुल त्रिपाठी, डॉ अमिताभ ज्ञान रंजन, डॉ सुनील सिंह , डॉ राजेश प्रसाद, डॉ विपिन कुमार, डॉ शिव कुमार सिंह समेत काफ़ी संख्या में विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे। (अजीत कुमार सिंह)

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