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शोध छात्रा सविता को एसआरएफ की संस्तुति





  • महात्मा गाँधी केद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षिक अध्ययन विभाग द्वारा वरिष्ठ अद्ध्येता वृत्ति (SRF) के खुली मौखिकी का आयोजन 

मोतिहारी, पू.चम्पारण (बिहार): महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षिक अध्ययन विभाग द्वारा वरिष्ठ अद्ध्येता वृत्ति (SRF) के खुली मौखिकी का आयोजन किया गया. शैक्षिक अध्ययन विभाग की शोध छात्रा सविता (गृह जनपद गोपालगंज बिहार) को विभाग की नहीं अपितु विश्वविद्यालय की प्रथम वरिष्ठ अद्ध्येता वृत्ति (SRF) की संस्तुति प्रदान की गयी| बाह्य विशेषज्ञ के रूप में आचार्य छत्रसाल सिंह ( उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश )  का सानिध्य प्राप्त हुआ.  उन्होंने शोध कार्य का मूल्याकन कर शोध छात्रा सविता को जेआरएफ  से एसआरएफ  होने की संस्तुति प्रदान की. तदुपरांत उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि कोई चलता है पदचिन्हों पर कोई पदचिन्ह बनाता है. यह कार्य निश्चित रूप में विभाग एव विश्वविद्यालय के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा. तत्पश्चात महात्मा बुद्ध परिसर के निर्देशक, विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष आचार्य आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह आत्ममुग्धता का विषय है कि विश्वविद्यालय का पहला  एसआरएफ शैक्षिक अध्ययन विभाग ने दिया. उन्होंने कहा कि सच्ची लगन, निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने पर सफलता मिलती ही है. निर्धारित लक्ष्य के बिना आप जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफल नहीं हो सकते हैं। यदि आपको अपनी  मंजिल का ही पता नहीं होगा तो भला रास्ता कैसे तय करेंगे ? अतः कामयाबी पाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य का निर्धारण करिए। फिर पूरी ईमानदारी और मेहनत से उसे हासिल करने में जुट जाइये। तत्पश्चात शोध निर्देशक सह आचार्य  डॉ मुकेश कुमार  का उद्द्बोधन प्राप्त हुआ। उन्होंने भी बधाई दी साथ ही उन्होंने कहा  कि अपने मिशन में कामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित निष्ठावान होना होगा। देर शाम तक विश्वविद्यालय के यशश्वी कुलगुरु आचार्य संजीव  कुमार शर्मा ने  शोध छात्रा से मिलकर बधाई दी एवं प्रसन्नता व्यक्त की और उन्होंने छात्रों  से कहा कि जीवन उन्नति का सबसे बड़ा सूत्र है। सकारात्मक चिंतन जिस व्यक्ति में सकारात्मक चिंतन आ जाता है वह हर परिस्थितियों में जीना सीख जाता है।  इस मौके पर विभाग की सहायक आचार्य डॉ रश्मि श्रीवास्तव, सहायक आचार्य डॉ मनीषा रानी, सहायक आचार्य डॉ पाथलोथ ओमकार ने आशीर्वाद एवं बधाई दी| कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र गणेश शुक्ल एवं धन्यवाद  ज्ञापन शोध छात्र अंगद सिंह द्वारा किया गया| सुनील दुबे, मनीष, रंजय कुमार पटेल, इन्दुबाला सुप्रभा दे, रितु सिंह, प्रसेनजित, प्रणब, सुजोय, एवं विभाग के समस्त शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे|(अजीत कुमार सिंह)

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