गुजरात (24April 2020) । अब गुजरात के अहमदाबाद में खानपुर इलाके से भी यूपी के बुलंदशहर जैसी ही खबर आ रही हा, जहां हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक बहतरीन मिसाल सामने आई है। वहां 75 वर्षीय मन्दाकिनी बेन का अस्पताल में निधन हो गया। उनका अपना कोई भी रिश्तेदार पास न होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया। यही हमारे देश की मानवता हाल है, जिसको तमाम राजनीतिक साजिशों के बावजूद कोई समाप्त नहीं कर सकता है। यूपी में भी मुस्लिमों ने किया था अंतिम संस्कार यूपी (27 मार्च 2020)। अहमदाबाद से पहले गत माह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कोरोना से भयभीत लोग एक हिंदू की मौत पर अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुँचे तो जानकारी मिलने पर पास की बस...
2500 करोड़ रुपये की सीईएल को बेच रही मोदी सरकार मात्र 200 करोड़ रुपये में, मंत्रियों और सांसदों की भी नहीं सुनी मुबाहिसा : आर.के.मौर्य सामान्य से सामान्य समझ वाला व्यक्ति भी इस बात को जानता है कि हमेशा अनुपयोगी चीज या घाटे में जा रहे बोझ बने संस्थान को ही कोई बेचता है या उससे पीछा छुड़ाता है। पर "मोदी सरकार है तो सब कुछ मुमकीन है", तब तो सरकार के लाभ वाले और बहुउपयोगी सीईएल संस्थान को मिट्टी के भाव बेचा जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली क्षेत्र में करीब 52 एकड़ जमीन में स्थित सीईएल को मात्र 200 करोड़ रुपये में बेची जा रही है, जबकि इतनी कीमत का तो वहां स्क्रैप और अन्य सामान ही भरा हुआ है। एक हजार करोड़ रुपए की जमीन इसकी जमीन की ही कीमत करीब करीब एक हजार करोड़ रुपये मानी जाती है। कंपनी ऐसी, जिसके सभी उत्पादों की रेलवे और अन्य प्रमुख सरकारी उपक्रमों में आपूर्ति की जाती है। हर वर्ष सरकार को लाभांश देने वाली इस कंपनी में एक हजार स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के भविष्य को दरकिनार कर "बस सब कुछ सस्ते दामों में बेचने पर तुली मोदी सरकार" ने एनडीए में ही शामिल अपने मंत्रियो...
Comments
Post a Comment