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Chirag Vs Paras : पासवान के चहेते अब पारस के खेमे में, चिराग मिले स्पीकर से
पासवान के चहेते अब पारस के चहेते बने, चिराग मिले स्पीकर बिड़ला से दिवंगत दलित नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के चहेतों को अपनी ओर खींचने के लिए पशुपति पारस ने अपनी कार्यकारिणी की पहली सूची में खूब जगह दी है। उनका यह प्रयास भी चिराग पासवान को मैदान में अकेले छोड़ देने का है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि चिराग पासवान पूरी तरह से खालिक और एपी बाजपेई पर निर्भर हो चुके हैं, जबकि रामविलास पासवान किसी पर निर्भर नहीं थे। वह देशभर में अपने समर्थक कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़े थे और सभी को यथा योग्य संगठन में सम्मान देकर साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। यह खालिक के पार्टी में बढ़े वर्चस्व का ही परिणाम है कि पासवान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले तमाम पार्टी के छोटे बड़े कार्यकर्ता पदाधिकारी पारस की ओर खींचे जा रहे हैं। आज पारस की जारी सूची से तो यही लगता है कि रामविलास पासवान के खास रहे लोगों को उन्होंने अपनी ओर खींचने के लिए कार्यकारिणी में खूब तरजीह दी है। लोजपा पारस गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति कुमार पारस ने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया। ...
International Award to North Eastern Journalist Nava Thakuria of Assam
असम के वरिष्ठ पत्रकार नव ठाकुरिया को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार गुवाहाटी: मीडिया कर्मियों की सुरक्षा के लिये काम करने वालीअंतरराष्ट्रीय संस्था 'प्रेस एम्बलेम कैम्पेन'(पीईसी) ने इस बार असम के वरिष्ठ पत्रकार नव ठाकुरिया को अपने वार्षिक पुरस्कार से नवाजा है! उन्हें यह पुरस्कार भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य देशों के संवाद कर्मियों के हित में उनकी ओर से किये गये प्रयासों के लिये दिया जा रहा है! श्री ठाकुरिया इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय पत्रकार हैं! दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नये वैरिएंट के मद्देनजर दुनिया भर में फैली चिन्ता के चलते यह पुरस्कार हासिल करने वे स्वयं जेनेवा नहीं पहुंच सके! इसे ध्यान में रखते हुए संस्था ने वर्चुअल माध्यम से उन्हें यह सम्मान देने का निर्णय लिया है! पीईसी ने पहली बार दुनिया में दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के किसी पेशेवर पत्रकार को इस पुरस्कार से विभूषित करने का निर्णय लिया है! संस्था के महा सचिव व्लेज लेम्प के मुताबिक विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में परिचित भारत में एक शक्तिशाली जनमाध्यम मौजूद है!...

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