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Nobel winner Razzaq in eyes of India

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 नोबेल विजेता रज्जाक भारत की नजर में ? के. विक्रम राव             इस वर्ष के साहित्यवाले नोबेल पारितोष से नवाजे गये अश्वेत अफ्रीकी प्रोफेसर अब्दुल रज्जाक गुर्नाह के माध्यम से विश्व के आमजन की विपदा पर मनन होगा। विषय है : विस्थापित, निष्कासित, शरणार्थी, पलायन कर रहे लोग, (काबुल, म्यांमार, हांगकांग के ताजा संदर्भ में)। अपनी किशोरावस्था में अब्दुल रज्जाक स्वभूमि जंजीबार द्वीप में नस्ली उथल—पुथल से उत्पीड़ित हो चुके थे। गोरे अरब मुसलमानों द्वारा समधर्मी अश्वेतों (हब्शी) को संतप्त करना उनकी एक विषादभरी प्रतीति थी। हालांकि इस्लाम समतामूलक मजहब है, जहां कलमा पढ़ते ही सब समान हो जाते हैं। हिन्दुओं जैसा भेदभाव नहीं। पर यह सरासर झूठ निकला। त्वचा के रंगभेद से इस्लाम भी मुक्त नहीं है। बस इसी गुत्थी को सुलझाना ही अब्दुल रज्जाक की कृति का मूलाधार रहा।          फिलवक्त प्रोफेसर अब्दुल रज्जाक को जानकर उनकी मातृभूमि जंजीबार (तंगानियाका) और भारत के अत्यन्त आत्मीय प्रसंग अनायास मस्तिष्क पटल पर उभर आतें हैं। पड़ोसी राष्ट्र रहे तंगानियाका और द...

PEC laments the shrinking space for press freedom and collapse of media fraternity in Afghanistan

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 PEC laments the shrinking space for press freedom and collapse of  media fraternity in Afghanistan  Geneva,: Press Emblem Campaign (PEC), the Geneva based global media rights body, laments over missing of newspapers from the stands across Afghanistan as most of the media managements shifted to online space after the arrival of Taliban forces in the capital city of Kabul. Expressing serious concern on the growing security threats for professional journalists in the southeast Asian country, the PEC ( www.pressemblem.ch ) calls upon the United Nations and the international community to urge the new government in Kabul to respect press freedom and the safety of journalists. According to local media outlets, the press has been paralyzed particularly in Kabul, which is under the grip of Taliban once again after the fall of President Ashraf Ghani's government on 15 August 2021. Before their advent, the ancient city used to witness a number of newspapers and other media outlets ...

Lakhimpur Khiri PEC demands authentic probe into killing of Indian scribe Raman Kashyap

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 PEC demands authentic probe into killing of Indian scribe Raman Kashyap Guwahati: Press Emblem Campaign (PEC), the Geneva-based media rights body condoles the demise of young television scribe Raman Kashyap at Lakhimpur Kheri locality of Uttar Pradesh in central India and demands an authentic probe into the incident that led to killing of the rural reporter on 3 October 2021. According to local sources, Raman (35) was hit by a vehicle amidst a chaotic situation where a large group of agitating farmers (against farm laws brought by the Union government in New Delhi) were in confrontations with some political workers. He was along with many reporters at the site to cover an event, but Raman turned unlucky and died on the spot. Later the agitators set the vehicle on fire and finally eight others died in the violent  incident. Raman’s family members claimed that he was also shot by the miscreants. Hailed from  Nighasan village, Raman used to work for a news channel and left ...

Bihar Pashupati Paras-Chirag battle, election symbol seized by Election Commission Delhi

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  पशुपति पारस-चिराग की लड़ाई आगे बढ़ी, चुनाव चिह्न जब्त रा जनीति को रणभूमि बना रहे केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने आखिर दिखा दिया कि जिस भाई रामविवास पासवान ने उनको यहां पहुंचने के काबिल बनाया, उन्हीं के लगाए पौधे लोक जनशक्ति पार्टी को ध्वस्त करने में वह कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को ही जब्त कर लिया है। अब दोनों ही गुट इसका उपयोग नहीं कर पाएंगे। यह तब हो रहा है जब बड़े भाई रामविलास पासवान का नाम लेकर उनको भगवान के समान दर्जा देने का दंभ भरने वाले पशुपति पारस पासवान की पहली पूण्यतिथि पर बिहार में बड़ा जलसा करने की तैयारी में जुचे हैं. और चिराग पासवान ने बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू के खिलाफ उपचुनाव में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया हुआ है। अब दोनों ही गुट पार्टी के चुनाव चिह्न "बंगला" का प्रचार नहीं कर पाएंगे। ऐसे में पूण्यतिथि पर जलसा करने का भी कोई औचित्य पार्टी कार्यकर्ताओं को समझ में नहीं आ रही है।           देश के प्रमुख दलित नेता रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के निधन के बाद से ल...

journalists also know the Words meaning along with grammar and spelling

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 व्याकरण, वर्तनी के साथ अर्थ भी जाने पत्रकार!  के. विक्रम राव        प त्रकारों को खुद की समझ और सूझ के प्रति लापरवाह होता देख कर रंज होता है। मन खिन्न हो जाता है। अंग्रेजी पत्रिकायें तो आजादी के पचहत्तर—वर्ष बाद भी समझते हैं कि राज अभी दिल्ली नहीं लंदन से ही चल रहा है। मगर भाषायी समाचारपत्र तो देश की बात समझ ही सकते हैं। अखबारी दुनिया में अनिवार्य तौर पर अभिज्ञता होनी चाहिये। नहीं हो तो कई अन्य उद्योग और कारोबार हैं उदर—पोषण हेतु। पत्रकारिता बुद्धिकर्म है, इसकी ओर चलताऊ दृष्टि होना नागवार है। मेरी नाराजगी और दर्द का कारण एक ताजा खबर है। संवाद समि​ति पीटीआई—भाषा का बिरादराना झुकाव और लगाव ब्रिटिश संवाद समिति राइटर्स की तरफ है। बहुधा अनुवाद कार्य ही होता है। शब्दों के भाव या अभिप्राय से वास्ता कम ही रहता है। पिछले दिनों कराची से एक राइटर्स की खबर आयी थी। इसमें लिखा था कि सुरक्षित क्षेत्र माने जाने वाले गवादार मरीन ड्राइव पर मोहम्मद अली जिन्ना की निर्मित की गयी प्रतिमा के नीचे विस्फोटक रखकर उड़ा दिया गया। खबर के अनुसार विस्फोट में प्रतिमा पूरी तरह से नष्ट हो ...

The newly reconstituted national executive of the National Confederation of Newspaper and News Agency Employees’ Unions will hold its first meeting at Chennai in the third week of December

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Unions will hold its first meeting at Chennai in the third week of December L ucknow: The newly reconstituted national executive of the National Confederation of Newspaper and News Agency Employees’ Unions will hold its first meeting at Chennai in the third week of December. It will be hosted by Com Govindaswami Bhupathi, a veteran trade unionist (AINEF) and the new Secretary-General of the Confederation. The new National Executive is headed by Dr. Indukant Dixit, president of the Federation of PTI Employees Unions. Other affiliating units and nominees include : Shri Manohar Singh, (Delhi) of the National Union of Journalists (I), led by Shri Manoj Mishra, (New Delhi), and Shri Suresh Sharma (Bhopal), Shri. Rinku Yadav (Pioneer, the IFWJ), Shri G. Prabhakaran, (IJU, Kerala), Shri Jayant Mayank (of UNI, Mumbai), Shri Chandra Mohan Papnai (NFNE), and Smt. R. Chandrika, electronic media in Chennai. Others belong to AINEF, Times of India and Jansatta-Indian Express unions. To...

Ghulam Nabi Azad participated in a program organized by IPTA'S program on the 114th birthday of Shaheed Bhagat Singh on the occasion of the 75th anniversary year of Independence at Mussoorie, Uttarakhand

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इप्टा ने मनाई शहीद भगत सिंह की 114वीं जयंती, गुलाम नबी आजाद हुए शामिल                                       उ त्तराखंड गांधी ग्लोबल फैमिली के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ वर्ष में शहीद भगत सिंह के 114 वें जन्मदिन पर इप्टा द्वारा मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस समारोह में गांधी ग्लोबल फैमिली द्वारा राजघाट, दिल्ली से देश के विभिन्न प्रान्तों के 42 प्रतिनिधियों के दल ने भी भाग लाया।   अपने उदबोधन में  ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि शहीद भगत सिंह की विचारधारा व आज़ादी को प्राप्त करने का ढंग बेशक अलग था परन्तु वे भविष्य का भारत कैसा होगा, इस बारे में पूरी तरह प्रतिबद्ध थे। उनके सभी साथी 20-24 वर्ष के थे परन्तु उनकी सैद्धांतिक प्रतिबद्धता असंदिग्ध थी । उन्होंने भारतीय इतिहास के संघर्षों के स्वर्णिम पन्नों को भी रखा व सन् 1857 में आखिरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फर के संघर्ष व ऐतिहासिक बलिदान करते हुए भारतीय राष्ट्रीय ...

Uttar Pradesh Gorakhpur Manish Gupta Gorakhpur Murder Case News Meenakshi Allegation To Gorakhpur Police

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गोरखपुर कांड: विश्व पर्यटन दिवस पर  निरकुंश पुलिस ने की अवैध वसूली के लिए पर्यटक कारोबारी की हत्या    सीएय योगी के विश्व पर्यटन दिवस पर संदेश की भी नहीं रखी लाज  मुबाहिसाः आर.के. मौर्य उ त्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर पूरे देश और विश्व भर के पर्यटकों को यह संदेश दिया कि  "आध्यात्मिक प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण, ऐतिहासिक एवं अतुल्य लोक संस्कृतियों की संगम स्थली उत्तर प्रदेश विश्व का शानदार पर्यटन स्थल है।   "अतिथि देवो भव:" धारण किए हुए प्रदेश में सभी पर्यटन प्रेमियों का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन है"  लेकिन उनके इस संदेश पर उत्तर प्रदेश का पुलिस और प्रशासन कितना गंभीर और जिम्मेदार है, यह इसी बात से स्पष्ट होता है कि विश्व पर्यटन दिवस पर ही उत्तर प्रदेश में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह नगर गोरखपुर में घूमने के लिए गए कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता व उनके दो मित्रों को अवैध वसूली के लिए होटल के कमरे में मध्य रात्रि में बिना किसी ठोस वजह या सूचना के घुसकर तलाशी के नाम पर बुरी तरीके से प...

PPFA reiterates demand to revitalize Hinglaj temple in Baluchistan, The PPFA appeals to Prime Minister Narendra Modi

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PPFA reiterates demand to revitalize Hinglaj temple in Baluchistan The PPFA appeals to Prime Minister Narendra Modi G uwahati:  As Durga Puja (also known as  Durgotsav or Sharodotsav) is set to begin next month (11-15 October 2021), a northeast India-based forum of nationalist citizens reiterates its demand to revitalize the Hinglaj Mata Mandir, a Shakti Peeth located in Baluchistan, which has mythological connections with Kamrup Kamakhya legends.  Patriotic People’s Front Assam (PPFA) in a statement urged the Union government in New Delhi to pursue with the Baluchistan authorities for necessary steps so that the Sanatani Baloch nationals  can worship the deity without any fear or trepidation during the annual religious festival that marks the victory of Maa Durga against the demon Mahishasura. The Hinglaj Mata temple in a mountain cave on the bank of Hingol river inside Hingol National Park, adjacent to the Makran coast of Arabian Sea in the south-western part of Pa...

Friends meeting with KBC winner Susheel Kumar for nature conversion

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महात्मा गांधी के सत्याग्रह वाले चंपारण को अपनी पहचान दिलाने में जुटे केबीसी करोड़पति सुशील कुमार चंपा चंपारण और चमत्कार मो तिहारी पूर्वी चंपारण (बिहार) में इन दिनों शेयर योर ह्यूमैनिटी की संस्थापिका मोनी बिजय आई हुई हैं। उन्होंने बताया कि केबीसी विजेता सुशील कुमार ने बिहार के चंपारण जिले में न सिर्फ चंपा का फूल लगाकर लोगों को  चमत्कृत किया है, बल्कि अपने सादगी अंदाज और सरल स्वभाव से मानव जीवन में सरल रहने का उत्तम संदेश दिया हैं। मोनी बिजय ने अपने निवास स्थान,चंपारण मोतिहारी में अपनी भारत यात्रा की  इस अवधि में भी अपने मानवता  मंत्र के उद्देश्य को फैलाने का कार्य किया है। उन्होंने अपने निवास स्थान पर गौरैया घोंसला और चंपा का फूल लगाया तथा शेयर योर ह्यूमैनिटी की तरफ से दो अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर प्रकृति संरक्षण की महिमा सबमें विस्तृत करने के लिए  सुशील कुमार के कर कमलों द्वारा 25 घोंसले गौरैया के लिए तथा 115 चम्पा के फूलों को लगाने का कार्य  कराया। इसके लिए  सुशील कुमार  को अनुदान देकर उनसे आग्रह कि...

Yogi ji broke another pongapanth in UP

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 योगीजी ने ढाया एक और पोंगापंथ !! के. विक्रम राव   यो गी आदित्यनाथ जी में यूं तो ''लव जिहाद'' वाले कानून की मुहिम में कट्टरता का परिमाण देखा गया था। मगर कल अश्विन कृष्ण पक्ष, षष्ठी पर, (निषिद्ध अवधि : 20 सितंबर से 6 अक्टूबर तक), अपनी काबीना के विस्तार का जनहितकारी कार्य संपादित कर, मुख्यमंत्री ने पा​रम्परिक अंधविश्वास को स्वयं दूसरी दफा नेस्तनाबूत कर डाला।          पितृपक्ष संबंधी ऐसी भ्रामक आशंकायें को मुख्यमंत्री ने निर्मूल कर दिया। उन्होंने दर्शाया कि यह अंधविश्वास केवल अज्ञानता, भय, निर्बलता और विषाद का स्रोत है। योगीजी ने यह भी साफ कर दिया कि ऐसी सोच विकृत होती है। उपासना का उपहास उड़ाती है। इसी भांति एक अन्य आशंका पनपती रही थी कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा यात्रा पर गया, वह पद से भी गया। मगर यह काशायधारी मुख्यमंत्री गत वर्षों में कई बार नोएडा गया। उनसे नियति ने ही हार मान ली।         यूपी में गत सात दशकों में दो दर्जन मुख्यमंत्री रहे। उनमें घोर सेक्युलर, वामपंथी, जनवादी, प्रगतिशील, अनीश्वरवादी, खासकर समाजवादी भी रहे, पर किसी...

Another way to end the scholarship of Dalits, only the children of illiterate will get priority in UttarPradesh

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दलितों की छात्रवृत्ति समाप्त करने का एक और रास्ता, अनपढ़ की संतान को ही मिलेगी प्राथमिकता फोटो : प्रतीकात्मक उ त्तर प्रदेश की भाजपा सरकार धीरे-धीरे दलित छात्रों की छात्रवृत्ति समाप्त करने की ओर बढ़ रही है। एक जानकारी के अनुसार हर साल आधे से आधे अधिक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति मिलना तो दूर उच्च शिक्षा प्राप्त कर छात्रों की शुल्क क्षतिपूर्ति का भी पूरा भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण हर साल तमाम छात्रों को संस्थानों से निकाला जा रहा है। उनको परीक्षा देने से रोका जा रहा है।  अब यूपी सरकार ने छात्रवृत्ति देने की नियमावली में बदलाव किया है, जिससे अनुसूचित जाति के उन छात्रों को ही छात्रवृत्ति देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके माता-पिता अनपढ़ होंगे। इसके लिए पहले से ही  वरीयता तय करने के लिए वेटेज अंकों के नियमों की मार झेल रेह लोगों को अब वरीयता नियमावली में भी हुए बदलाव का दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब शासकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं से हाईस्कूल अथवा इंटर करने वाले छात्रों को 10,  माता-पि...

Karam on traitores ! Sitam on loved ones ?

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 गद्दारों पे करम! अपनों पे सितम ? के. विक्रम राव    देशद्रोही, गद्दार अथवा ट्रेटर, अर्थात वह व्यक्ति जो स्वजन और स्वदेश के शत्रुओं का स्वेच्छा से साथ दे। वतन पर आक्रमकों से सहानुभूति रखे। यह अपराध अक्षम्य होता है। फिर भी फ्रांस के कम्युनिस्ट—समर्थित, नास्तिक राष्ट्रपति इम्मेनुअल माक्रोन ने गत सोमवार (20 सितम्बर 2021) को सार्वजनिक तौर पर क्षमा याचना की उन तमाम अलजीरियायी मुसलमानों से जिन्हें छह दशकों बाद भी आज तक अपने ही हमवतनी अलजीरियायी स्वतंत्रता—सेनानियों की हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। इन लोगों ने फ्रेंच साम्राज्यवादियों का साथ दिया था। तब अपने हमवतनियों पर अत्याचार ढाया था। इस उत्तर अफ्रीका—स्थित अरब इस्लामी गणराज्य अलजीरिया के हर घर का एक युवा फ्रेंच सैनिक की गोली से भूना जा चुका हे। शहीद हुआ है। लहू बहाकर आजादी पायी है, शांतिमय सत्याग्रह द्वारा नहीं।        फ्रेंच में ऐसे सभी अलजीरियायी जन को ''हार्किस'' कहते हैं, जो साम्राज्यवादी शासकों के मददगार रहे। विदेशी सत्ता द्वारा स्वजन पर हुये जुल्मों सितम में हाथ बटाते रहे। अब राष्ट्रपति माक्रो...

When congress had cast Dhebar "Vermala"

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 जब कांग्रेस ने ढेबर को वरमाला डाली के. विक्रम राव  आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में एक कांग्रेस अध्यक्ष हुए थे जिसने 49 वर्ष की आयु में जवाहरलाल नेहरु तथा इन्दिरा गांधी के बीच  आकर स्वतंत्र्योत्तर भारत की दशा बदल दी। गति तेज कर दी। राजकोट (गुजरात) के उच्छरंगराय नवलशंकर ढेबर जिनकी आज (21 सितंबर 2021) 116वीं जयंती है। ढेबर का वह संघर्षशील नेतृत्व था कि जूनागढ़ रियासत (गिर शेरों के लिये मशहूर) को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया गया था। वर्ना इस हिन्दू—बहुल सूबे के नवाब मोहम्मद महाबत खान तृतीय तो मोहम्मद अली जिन्ना की गोद में बैठ गया था। जनांदोलन का नतीजा था कि नवाब को अपने छोटे वायुयान में राज छोड़कर कराची भागना पड़ा था। तब केवल एक सीट बची थी। दावेदार थे उनके दीवान सर शाहनवाज खॉ भुट्टो के कनिष्ठ पुत्र जुल्फीकार अली भुट्टो और नवाब का पालतू कुत्ता। नवाब की पसंद प्रिय चौपाया था। जुल्फीकार 1953 तक बम्बई में पीलू मोदी के साथ पढ़े थे।         ढेबर, बापू के भतीजे और आरजी हुकूमत के मुखिया सामलदास लक्ष्मीदास गांधी को और उनके साथियों को श्रेय जाता है। ढेबर जब कांग्रे...

Who is the villain in comedy show in Punjab

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पंजाब के कॉमेडी शो में विलेन कौन ? के. विक्रम राव      भा जपाइयों को सोनिया—कांग्रेस से आस्था और धार्मिक आचरण के सिद्धांतों को समझने और सीखने का प्रयास करना चाहिये। मात्र ढोंगी सेक्युलरिज्म का प्रहसन नहीं। अब गौर कीजिये। चण्डीगढ़ राजभवन में आज प्रात: बिना देर किये अपने पार्टी नेता सरदार चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद की सोनिया ने शपथ दिलवा दी। कारण? आज (20 सितंबर 2021) से हिन्दुओं के पिण्डदान वाले दिनों की शुरुआत हुयी है। सोमवार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। शुभकार्य नहीं करतें हैं इस पखवाड़े में, सिवाय श्राद्ध, तर्पण के। इससे पितर दोष से मुक्ति मिलती है। भले ही सोनिया वेटिकन के पोप की निष्ठावान अनुयायी हों, पर उनकी सास तो जन्मना पंडिताइन थीं। धर्मकर्म पर भरोसा रखतीं थीं। मुहूर्त पर विशेषकर। वर्ना हर खास निर्णय (पार्टी अध्यक्ष का निर्वाचन मिलाकर) को टाल देने के लिये मशहूर, यह यूरेशियन—राजनेता राहुल गांधी फिर तारीख आगे बढ़ा देते।         पार्टी से कई गुना अधिक धर्मप्राण और आस्थावान तो नये मुख्यमंत्री, मजहबी सिख सरदार चरणजीत स...

Punjab Rahul Gandi's Feud and Future Congress BSP and Akali Dal

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  राहुल गांधी की अदावत और भविष्य की कांग्रेस पंजाब में बड़ा दांव ; प्रथम दलित मुख्यमंत्री, गैर कांग्रेस दलों को पड़ा झटका  मुबहिसा : आर.के. मौर्य पं जाब प्रदेश में कांग्रेस द्वारा दलित मुख्यमंत्री बनाया जाना, केवल राहुल गांधी की कैप्टन अमरिंद्र सिंह से अदावत का ही परिणाम नहीं, बल्कि भविष्य के लिए कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि ऐसा ना होता, तो शायद नवजोत सिंह सिद्धू ही पंजाब के मुख्यमंत्री बना दिए गए होते। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठबंधन मजबूत होकर उभर रहा है। वहां भाजपा नहीं बल्कि शिरोमणि अकाली दल से ही कांग्रेस को दो-दो हाथ करने हैं। ऐसे में दलितों के बीच अपने मजबूत जनाधार को बनाए रखने और भविष्य के चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठबंधन को मात देने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का प्रथम दलित मुख्यमंत्री बनाए जाने की रणनीति को अमलीजामा पहनाया गया। बसपा सुप्रीमो मायावती और भाजपा में दलित नेता सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम के बौखलाहट भरे बयान भी कांग्रेस की इस मजबूत रणनीति को बल दे रहे हैं। बदलती कांग्रेस, बदलती र...