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आरुषि के मां-पिता की दलीलों को सुना जाना चाहिए ! आरुषि मर्डर मिस्ट्री में उसके मां-बाप को उम्रकैद की सजा सुना दी गई। इस बाबत राजेश तलवार के भाई दिनेश तलवार के तर्क मैने टीवी पर सुने, जिसको सुनकर मुझे लगता है कि कहीं न कहीं राजेश तलवार और नुपूर तलवार को इस मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करना ही महंगा पड़ गया है। मुझे एक बार का वाक्या याद आता है कि उत्तर प्रदेश में ही एक व्यापारी की हत्या हो गई थी। ‌उस हत्या के खुलासे और हत्यारों को पकड़ने के लिए व्यापारी का एक दोस्त काफी पैरवी कर रहा था। जब पुलिस हत्या का खुलासा करने में नाकाम हो रही थी और मृतक व्यापारी के दोस्त की पैरवी से परेशान थी तो पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए निर्दोष दोस्त को ही कातिल बनाकर जेल भेज दिया। नतीजा यह हुआ कि उसको उम्रकैद हो गई और व्यापारी का परिवार नगर छोड़कर कई दूर दूसरे शहर में जाकर बस गया। उम्रकैद की सजा के करीब 10 वर्ष जेल में गुजारने के बाद शहर में चर्चा हुई कि हत्या तो...
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MERI BETI AVANTIKA MAURYA KE SATH USKE SHATHI
देश के गृह मन्त्री श्री सुशील  कुमार शिन्दे के लिए आप की चुनावी सभा में अपशब्दो की हर स्तर पर निंदा की जानी चाहिए चुनाव आयोग को आरोपियो के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए
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थाई राजा की श्रद्धा को नमन  भगवान बुद्ध के महोबधि मंदिर की गुंबद को सोने से मढ़ाई के लिए मैं थाईलैंड के राजा को बधाई देता हूं। यह आस्था और श्रद्धा का मामला है उनकी भगवान बुद्ध के प्रति आस्था और श्रद्धा को मैं नमन करता हूं। हालांकि आस्था और श्रद्धा पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए, लेकिन फिर भी इतना स्वर्ण या मुद्रा को मंदिर की गुंबद की मढ़ाई के लिए व्यय करना भगवान बुद्ध के विचार के अनुरूप कतई नहीं माना जा सकता है। भगवान बुद्ध ने तो यह सब त्यागा है और मूर्ति हो या इस तरह पूजा पाठ के नाम पर आडंबर को गलत माना है।  परंतु यह भी कटू सत्य है कि मानव स्वभाव अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रकट करना होता है और भगवान या किसी महापुरुष के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए मूर्ति, प्रतिमा या फिर उनके नाम पर ‌कोई स्थल का निर्माण करना सबसे सुलभ जरिया है।  मैं थाईलैंड के राजा की श्रद्धा को नमन करते हुए बौद्धों से अपील करूंगा कि वे भगवान बु्द्ध के संदेश को पूरे देश में तेजी से फैलाने का काम करें।
मायावती का दलित विरोधी ढोल बसपा की अध्यक्ष मायावती जी जब भी मीडिया से बात करती हैं, उनकी शुरूआत में दलित विरोधी ढोल पीटना एक आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम के प्रेरणा स्थल के बंगले और उनके भाई तथा उनकी संपत्ति को लेकर  जारी खबर पूरी तरह दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। कुछ हद तक उनका यह आरोप सच हो सकता है, लेकिन क्या उनको यह नहीं बताना चाहिए कि सत्ता में आने से पहले तक साधारण परिवार कैसे अरबोपति बन गया है? उनके और उनके परिजनों के नाम यह अकूत संपत्ति कहां से आ गई है? अब वह कांग्रेस को कोस रही हैं, तो फिर पिछले  9 वर्षों से कांग्रेस की सरकार को समर्थन देने का काम क्यों कर रही हैं? या फिर भोले-भाले दलितों को गुमराह करने के लिए ही उनको डॉ. अंबेडकर या फिर अब मान्यवर कांशीराम की याद आती है। वह 2007 में उत्तर प्रदेश के सभी वर्गों के सहयोग से पूर्ण बहुमत की मुख्यमंत्री बनी तो उनको लगा कि अब वह देश की प्रधानमंत्री बन जाएंगी, जिसके लिए उन्होंने और उनके कुछ खास चहेतों ने 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान खूब मुंगेरी लाल ...
राहुल गांधी ने ठीक कहा मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों पर पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की नजर संबंधी बयान मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर छप रही तमाम खबरों के आधार पर दिया गया ङै। इस तरह की रिपोर्ट मुजफ्फरनगर के समाचार पत्रों में छप चुकी है। यह बात पूरी तरह सही है कि उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी के सखा अमित शाह दंगों के जरिए ही नरेंद्र मोदी की सफलता का सपना देख रहे हैं, जो कभी पूरा नहीं होगा।  
मंगलयान की सफलतापूर्वक उड़ान पर वैज्ञानिकों को बधाई ।

karnal daura

आज मैं हरियाणा के करनाल में समाज साक्षी समाचार पत्र के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में शामिल हुआ l  जिसमें मैंने मुख्य वक्ता के रूप में  पत्रकारिता के सामने चुनौती विषय पर विचार रखे l 

narendra modi bana bjp ka chehra

नरेन्द्र मोदी को चुनाव अभियान का चेयरमैन बनाने से एक बार फिर बीजेपी की  सांप्रदायिक छवि को सही साबित कर दिया है I अब जनता को भी सीधा मौका मिलेगा कि वह क्या तो  सांप्रदायिकता के मुद्दे को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए मोदी को जीता दें या फिर इनको हराने के लिए वोट दें .  अब यह बात भी साबित हो गई है कि अगला चुनाव भाजपा और गैर भाजपा के बीच होगा . गैर भाजपा दलों का नेतृतव  कांग्रेस ही करेगी .   
बाबा  साहेब डाक्टर आंबेडकर के जन्म दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई l 
अन्ना अब तो होश में आओ   इन दिनों अन्ना हजारे जनतंत्र यात्रा पर हैं,   उनके साथ जनरल वी के सिंह भी है l उत्तर प्रदेश के  बागपत में उनको सुनने के लिए कोई नहीं पहुंचा तो बीमारी का बहाना बनाकर दिल्ली लौट आए l अब उनको समझ में आ  जाना चाहिए कि जनता ने उनको नकार दिया हैं l  
मुंबई से मोइन का सवाल   मेरी मुंबई में रेलवे स्टेशन से अपने मित्र के घर जाते  वक्त टैक्सी चालक मोइन से मुलाकात हुई, जिसकी पीड़ा सुनकर काफी दुखी हूं। उसका कहना था कि उसके दादा उत्तर प्रदेश के जिला प्रतापगढ़ से काम की तलाश में मुंबई आए थे। वह और उसके पिता की पैदाइश भी मुंबई की है, लेकिन उनको आज भी मुंबई का वासी नहीं माना जाता है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इस सवाल का जवाब देते हुए मोइन भावुक होकर बोला-राजनीति। मोइन का कहना था कि हम तो यहां काम करने के लिए आए हैं, लेकिन अपनी राजनीति के लिए पहले बाला साहेब ठाकरे और अब राज ठाकरे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को महाराष्ट्र का दुश्मन और यहाँ की तरक्की का बाधक मानता है और इस विचार को आम मराठी के मन का विचार बनाने के लिए ही उनका पूरा  प्रयास रहता है। लोगों को उम्मीद थी कि उनके अपने प्रदेशों के नेता बनने पर उनको भी नई ताकत मिलेगी, लेकिन जो उनके नेता...
आशीष नंदी ने आईना दिखाया ! प्रमुख समाजशास्त्री आशीष नंदी ने जयपुर साहित्य महोत्सव में कहा था कि ज्यादातर भ्रष्ट लोग पिछड़ी और दलित जातियों से आते हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बवाल मचा हुआ है। राजस्थान के मीणा समाज के नेता राजपाल मीणा ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा दी थी। महोत्सव परिसर के बाहर युवाओं का समूह, यह कौन है नंदी, जिसकी सोच है गंदी, स्लोगन वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते देखे गए। जयपुर के अंबेडकर चौक पर धरना भी दिया गया। दलित नेताओं ने आशीष नंदी को गिरफ्तार करने के लिए अल्टीमेटम भी दिए। जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील ने भी नंदी का मुंह काला करने की धमकी दी। यहां तक कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान, आरपीआई नेता रामदास अठावले आदि सभी नेता नंदी के बयान को लेकर गुस्से में हैं।  यह निर्विवाद रूप से सही है कि आशीष नंदी को किसी भी एक वर्ग या किसी जाति विशेष पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाना चाहिए था। चूंक...
तो राहुल गांधी ही होंगे पहली पसंद ! पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व मेरे दफ्तर में खबरिया चैनल के प्रमुख एंकर पूण्य प्रसून वाजपेयी आए थे। वह अपने चैनल के लिए लोगों से सीधे बातचीत के कार्यक्रम के लिए भ्रमण पर थे। मैंने उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश में किस की सरकार आ रही है, उनका तपाक से जवाब था कि इस बार भी मायावती की सरकार बनने जा रही है, जबकि मैं उनकी बात से इत्तेफाक नहीं करता था। मेरा मानना था कि इस बार मायावती सरकार नहीं बना पाएंगी और सपा के पक्ष में अधिक समर्थन जाता दिख रहा है। चुनाव परिणाम ने वाजपेयी जी को गलत साबित ‌किया।   इस समय कुछ चैनलों पर नील्सन के सर्वे को अपने से जोड़कर एक राजनीतिक सर्वे दिखाया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री के लिए देश के 49 फीसदी की पहली पसंद नरेंद्र मोदी को बताया जा रहा है। यह ही नहीं देश में एनडीए को भरपूर समर्थन के जरिए उसकी सरकार आती दिख रही है। ये सर्वे ‌कितने विश्वसनीय हैं, यह इसी बात से ...
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    The wrong kind of people hate you for the good in you! & The right kind of people love you even after knowing the bad in you.
       " WAQT NAHI " Har khushi Hai Logon Ke Daman Mein, Par Ek Hansi Ke Liye Waqt Nahi. Din Raat Daudti Duniya Mein, Zindagi Ke Liye Hi Waqt Nahi. Maa Ki Loree Ka Ehsaas To Hai, Par Maa Ko Maa Kehne Ke liye Waqt Nahi. Saare Rishton Ko To Hum Maar Chuke, Ab Unhe Dafnane Ka Bhi Waqt Nahi. Saare Naam Mobile Mein Hain, Par Dosti Ke Liye Waqt Nahi, Gairon Ki Kya Baat Karen, Jab Apno Ke Liye Hi Waqt Nahi. Aankhon Mein Hai Neend Badee, Par Sone Ka hi Waqt Nahi, Dil Hai Ghamo Se Bhara Hua, Par Rone Ka Bhi Waqt Nahi, Paison ki Daud Me Aise Daude, Ki Thakne ka Bhi Waqt Nahi, Paraye Ehsaso Ki Kya Kadar  Karein, Jab Apne Sapno Ke Liye Hi Waqt Nahi, Tu Hi Bata Ae Zindagi. Iss Zindagi Ka Kya Hoga, "Ki Har Pal Marne Walon Ko, Jeene Ke Liye Bhi Waqt Nahi!! (mail by neeraj Tomer)
भावी योजना की बुनियाद रखी सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने रक्षा सौदे में ‌14 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश का एक वर्ष बाद अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ अर्से पहले जनरल वीके सिंह द्वारा खुलासा किया जाना सस्ती लोकप्रियता के लिए उठाया गया कदम ही माना जाएगा। रक्षा मंत्री  एके एंटनी ने जिस तरह सीना ठोककर संसद में कहा है कि उनको एक पार्टी के दौरान सेनाध्यक्ष सिंह ने एक साल पहले यह जानकारी दी थी और उन्होंने इस पर कार्रवाई को उनसे कह दिया था। ऐसे में साफ है कि जिस तरह से अनौपचारिकता में सेनाध्यक्ष ने एंटनी से कहा, ठीक उसी तरह उनके द्वारा अनौपचारिक तौर पर कार्रवाई के लिए कह दिया। जितना मैं या अन्य राजनीतिक लोग एंटनी को जानते हैं, वह औपचारिक तौर पर सेनाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई की अनु‌मति मांगने पर कतई पीछे नहीं हटते। आर्मी चीफ अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले जिस तरह से मीडिया से रुबरु होकर जो खुलासे कर रहे हैं, वह निश्चित ही सेवानिवृत्ति के बाद उनके द्वारा अपने व्यस्थ रहने के‌ लिए भविष्य की योजनाओं की बुनियाद रखी जा रही है। ...
लालू यादव के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना मुझे आज पता चला कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को अस्वस्थ होने पर एम्स में भर्ती कराया गया है। मैं उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं।  
क्या हो गया श्री श्री रविशंकर को आजकल देखा जा रहा है कि स्वयंभू आध्यात्मिक गुरुओं को लगता है कि तपस्या और लोक शांति के बजाय अशांति फैलाने के‌ लिए राजनीतिक मुद्दे उछालने का शौक  हो गया है। एक पाखंडी गुरु रामदेव जहां योग शिक्षक की भूमिका छोड़कर नेता बनने की जुगत में लगे हैं और  कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं अपने उत्पादों की ब्रा‌डिंग के लिए मॉ‌डलिंग भी कर रहे हैं। रामदेव को तो कोई अधिक गंभीरता से पहले ही नहीं लेता है, लेकिन जिस तरह से श्री श्री रविशंकर के भी विभिन्न स्थानों पर विवादित कार्यक्रम और बयान आ रहे हैं, उससे लगता है कि वह भी अब रामदेव के रास्ते पर चलने लगे हैं। उनका कहना कि सरकारी स्कूलों में नक्सली पैदा होते हैं, यह घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ही इस देश में सर्वाधिक चिकित्सक, नेता, वैज्ञानिक, प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी है, और ये न भी हों तो  रविशंकर जी की इस बात को कतई सही नहीं माना जा सकता है...